मेरा नाम वरुन है, 23 साल का। मैंने नई नौकरी ज्वाइन की थी बैंगलोर में। ऑफिस के पास ही एक जिम था – “FitLife Gym”। मैंने सोचा थोड़ी बॉडी बनाता हूं।
पहले दिन जिम गया। रिसेप्शन पे एक आंटी बैठी थीं। उम्र लगभग 40 की होगी, लेकिन बॉडी देखकर होश उड़ गए। हाइट 5’5″, मस्कुलर लेकिन फीमिनिन बॉडी। टाइट जिम टॉप पहना था, नीचे शॉर्ट्स। बाइसेप्स दिख रहे थे, लेकिन बूब्स भी उतने ही प्रोमिनेंट थे।
“हाय, मैं रेखा हूं। तुम्हारा नाम?” उन्होंने पूछा।
“वरुन,” मैंने कहा।
“ओके वरुन, मैं तुम्हारी परसनल ट्रेनर हूं। आज से तुम मेरे साथ वर्कआउट करोगे,” रेखा आंटी ने कहा।
दिल में लड्डू फूटे। इतनी हॉट ट्रेनर मिलेगी, जिम जाने में कोई बोरियत नहीं होगी।
पहला दिन था, रेखा आंटी ने बेसिक एक्सरसाइज़ सिखाए। स्क्वाट्स, पुश-अप्स, थोड़ा वेट लिफ्टिंग।
“वरुन, तुम्हारी पोस्चर ठीक नहीं है। मैं ठीक करती हूं,” कहकर रेखा आंटी मेरे पीछे आईं।
उनके हाथ मेरी कमर पे गए। ओह गॉड, इतने सॉफ्ट हाथ। वो मेरी कमर सीधी कर रही थीं, लेकिन मेरा ध्यान उनके बूब्स पे था जो मेरी पीठ से टच हो रहे थे।
“सीधा खड़े रहो,” रेखा आंटी ने कहा।
“सॉरी आंटी,” मैंने कहा।
“आंटी मत बोलो, रेखा बोलो,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।
पूरा सेशन ऐसे ही गया। वो बार-बार मुझे टच करतीं – कभी हाथ सीधा करने के लिए, कभी पैर की पोजीशन ठीक करने के लिए। हर बार उनका बॉडी मेरे करीब आता।
तीसरे दिन की बात है। वर्कआउट के बाद रेखा ने कहा, “आज स्ट्रेचिंग करते हैं, तुम्हारी बॉडी टाइट है।”
हम मैट पे बैठे। रेखा ने मुझे लेटने को कहा। मैं पीठ के बल लेट गया।
“अब तुम्हारे पैर मैं ऊपर उठाऊंगी, रिलैक्स रहना,” रेखा ने कहा।
उन्होंने मेरे एक पैर उठाया और धीरे-धीरे मेरे सीने की तरफ लाया। हम स्ट्रेचिंग कर रहे थे, लेकिन उनकी नजरें मेरे फेस पे थीं।
“कैसा लग रहा है?” रेखा ने पूछा।
“अच्छा लग रहा है,” मैंने कहा।
“अब दूसरा पैर,” कहकर उन्होंने दूसरा पैर भी उठाया।
अब मेरे दोनों पैर ऊपर थे, और रेखा मेरे बीच में खड़ी थीं। उनका फेस मेरे प्राइवेट पार्ट के ठीक ऊपर था। मुझे शर्म आ रही थी, लेकिन मजा भी आ रहा था।
“रिलैक्स करो, टेंशन मत लो,” रेखा ने कहा और मेरे पैरों को और अंदर की तरफ दबाया।
मेरा पैंट टाइट हो रहा था। रेखा ने नोटिस किया।
“वरुन, तुम्हारा ब्लड सर्कुलेशन बढ़ रहा है,” रेखा ने शरारत से कहा।
“मैं… वो…” मैं हकलाने लगा।
“इट्स ओके, नैचुरल है,” रेखा ने मुस्कुराते हुए कहा।
एक हफ्ते बाद कोरोना की वजह से जिम बंद हो गया। लेकिन रेखा ने मुझे मैसेज किया, “वरुन, मैं सुबह 6 बजे जिम खोलती हूं अकेले वर्कआउट के लिए। तुम आना चाहो तो आ सकते हो।”
मैं समझ गया ये इशारा है। अगले दिन सुबह 6 बजे मैं पहुंच गया।
जिम में कोई नहीं था। सिर्फ रेखा थीं, टाइट स्पोर्ट्स ब्रा और लेगिंग्स में। उनका पेट बिल्कुल फ्लैट था, नाभि दिख रही थी।
“आ गए? चलो वर्कआउट शुरू करते हैं,” रेखा ने कहा।
हमने वेट लिफ्टिंग शुरू की। रेखा मेरे पीछे खड़ी होकर मेरी मदद कर रही थीं। जब मैं बेंच प्रेस कर रहा था, उनके हाथ मेरे चेस्ट पे गए।
“चेस्ट अप रखो,” रेखा ने कहा।
उनके हाथ मेरे चेस्ट पे थे, और वो नीचे की तरफ स्लाइड कर रही थीं। मेरा दिल तेज़ी से धड़क रहा था।
वर्कआउट खत्म हुआ। रेखा ने कहा, “वरुन, तुम्हारी मसल्स टाइट हो गई हैं। मैं थोड़ा मसाज देती हूं।”
“ओके,” मैंने कहा।
रेखा ने मुझे मैट पे बैठने को कहा। वो मेरे पीछे आईं और मेरे कंधों पे हाथ रखा।
“रिलैक्स करो,” रेखा ने कहा और मेरे कंधों को दबाना शुरू किया।
उनके हाथ इतने स्ट्रॉन्ग थे, लेकिन उतने ही सॉफ्ट भी। वो धीरे-धीरे मेरे कंधों से नीचे की तरफ आ रही थीं – मेरी पीठ, फिर मेरी कमर पर।
“कमर पे ज्यादा टेंशन है,” रेखा ने कहा और मेरी कमर दबाने लगीं।
उनके हाथ और नीचे गए – मेरी हिप्स पे। वो मेरी हिप्स को सर्कुलर मोशन में दबा रही थीं।
“रेखा… ये…” मैं और कुछ कहने वाला था कि।
“शhh… रिलैक्स,” रेखा ने मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहा।
उनकी सांस मेरे कान में महसूस हुई। मेरा लंड खड़ा हो गया।
रेखा मेरे सामने आईं। और वो अपने घुटनों पे बैठ गईं, मेरे ठीक सामने।
“वरुन, मुझे पता है तुम मुझे देखते हो। मैं भी तुम्हें नोटिस करती हूं,” रेखा ने कहा।
“रेखा… मैं…” मैं कुछ फिर से बोलने ही वाला था।
“चुप रहो,” कहकर रेखा ने मेरे होठों पे अपने होठ रख दिए।
वो मुझे किस कर रही थीं। उनकी जीभ मेरे मुंह में घुस रही थी। मैं भी रिस्पॉन्स देने लगा। हम दोनों जिम के मैट पे बैठे किस कर रहे थे।
रेखा ने मेरी टी-शर्ट उतारी। अब मैं शर्टलेस था। उन्होंने मेरे चेस्ट पे किस करना शुरू किया – पहले कॉलर बोन, फिर नीपल्स।
“अह… रेखा…” मैंने सांस ली।
“मजा आ रहा है?” रेखा ने पूछा।
“बहुत,” मैंने कहा।
रेखा ने मेरी जींस का बटन खोला। मैंने भी उनकी स्पोर्ट्स ब्रा के पीछे हाथ डाला और ऊपर से ही उनके बूब्स दबाने लगा।
रेखा खड़ी हुईं और अपनी स्पोर्ट्स ब्रा उतार दी। ओह माई गॉड – उनके बूब्स बिल्कुल टाइट थे, गोल आकार के, निप्पल्स ऊपर की तरफ थे। जिम करने की वजह से उनकी बॉडी बिल्कुल टोन्ड थी।
मैं खड़ा हुआ और उनके बूब्स पे हाथ रखा। इतने फर्म, इतने स्मूथ। मैं एक बूब को मुंह में लेकर चूसने लगा।
“हां… वरुन… और जोर से…” रेखा मोन करने लगीं।
मैं दूसरे हाथ से दूसरा बूब दबा रहा था। रेखा के हाथ मेरे बालों में थे, मेरे सिर को अपने बूब्स पे दबा रही थीं।
“नीचे चलो,” रेखा ने कहा।
मैं नीचे गया। उन्होंने अपनी लेगिंग्स उतार दी। अंदर कोई पैंटी नहीं थी। उनकी चूत साफ दिख रही थी – थोड़ी मोटी लेबिया, गुलाबी रंग की, और पूरी गीली।
मैंने उनकी चूत पे किस किया। वो कांप उठीं।
“जीभ से करो…” रेखा ने कहा।
मैंने अपनी जीभ निकाली और उनकी चूत की लाइन पे चाटना शुरू किया। नीचे से ऊपर तक, फिर ऊपर से नीचे। रेखा की टांगें कांपने लगी थीं।
“क्लिट पे करो…” रेखा ने कहा।
मैंने उनकी क्लिट पे जीभ रखी और चाटने लगा। वो पागलों की तरह मोन कर रही थीं।
“अह… हां… बस वहीं… और तेज़…” रेखा चिल्ला रही थीं।
मैंने रेखा की एक टांग अपने कंधे पे रखी, ताकि उनकी चूत और खुल जाए। अब मैं पूरी तरह से उनकी चूत चाट रहा था – अंदर की तरफ जीभ डालके, फिर बाहर की लेबिया चूसके, फिर क्लिट पे जोर से चाटके।
“वरुन… तू तो एक्सपर्ट है… कहां सीखा से ये सब?” रेखा ने पूछा।
“पोर्न में देखा है,” मैंने कहा और फिर चाटना जारी रखा।
“अह… मैं झड़ने वाली हूं… बस करता रहो…” रेखा ने कहा।
मैंने स्पीड बढ़ा दी। जीभ से क्लिट को तेज़ी से रगड़ रहा था, और एक उंगली उनकी चूत में डाल दी।
“आह… मां… आ गया…” रेखा चिल्लाई और उनका पानी मेरी जीभ पे निकल गया।
मैंने सारा रस चूस लिया। उनकी चूत अब और भी गीली हो गई थी।
रेखा ने मुझे खड़ा किया। “अब मेरी बारी,” उन्होंने कहा।
उन्होंने मेरी जींस और अंडरवियर नीचे किया। मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा था – 7 इंच का, मोटा, और लाल हो गया था।
“वाह वरुन, काफी बड़ा है तेरा,” रेखा ने कहा और हाथ में पकड़ लिया।
उन्होंने पहले टॉपा चूसा। मैं तो जैसे स्वर्ग में पहुंच गया। फिर धीरे-धीरे आधा लंड अपने मुंह में ले लिया।
“ऊह… रेखा…” मैंने आंखें बंद कर लीं।
रेखा ने लंड को मुंह से बाहर निकाला और नीचे की तरफ चाटना शुरू किया – नीचे से ऊपर तक। फिर दोनों अंडकों को मुंह में लेके चूसा।
“कैसा लग रहा है?” रेखा ने पूछा।
“बहुत मजा आ रहा है,” मैंने कहा।
रेखा ने फिर से लंड मुंह में लिया। इस बार पूरा अंदर तक। उनका मुंह इतना गरम था, और वो जीभ से लंड के नीचे की तरफ रगड़ रही थीं।
“रेखा… मैं झड़ने वाला हूं…” मैंने कहा।
“अभी नहीं… अंदर निकालना,” रेखा ने कहा और लंड मुँह से बाहर निकाल लिया।
रेखा ने मैट पे लेटने को कहा। मैं लेट गया। वो मेरे ऊपर आईं, लेकिन उल्टी तरफ से – उनका मुंह मेरे लंड की तरफ, और उनकी चूत मेरे मुंह की तरफ।
69 की पोजीशन। रेखा ने मेरा लंड अपने मुंह में लिया, और मैंने उनकी चूत चाटना शुरू किया। हम दोनों एक-दूसरे को ओरल दे रहे थे।
5 मिनट बाद रेखा उठीं और घूमकर मेरे ऊपर बैठने की पोजीशन में आईं। उन्होंने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ा और अपनी चूत पे सेट किया।
“धीरे से डालना,” रेखा ने कहा।
वो धीरे-धीरे नीचे बैठीं। मेरा लंड उनकी चूत में घुसने लगा। वो बहुत टाइट थी, लेकिन पूरी गीली होने की वजह से लंड अंदर जा रहा था।
“अह… थोड़ा बड़ा है तेरा…” रेखा ने कहा।
वो धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगीं। पहले स्लो मोशन में, फिर स्पीड बढ़ाती गईं। उनके बूब्स उछल-उछल कर मुझे बुला रहे थे। मैंने हाथ बढ़ाकर उनके बूब्स पकड़ लिए।
“हां… वरुन… बूब्स दबाओ… और जोर से…” रेखा चिल्ला रही थीं।
मैंने उनके बूब्स और जोर-जोर से दबाए, निप्प्स को मसला। वो और तेज़ी से उछलने लगीं।
10 मिनट बाद रेखा उठीं। “अब पीछे से करो,” उन्होंने कहा।
वो मैट पे घुटनों और हाथों के बल आ गईं। उनकी गांड एकदम उठी हुई थी, गोल और टाइट। मैंने उनकी चूत में अपना लंड डाला।
“अह… हां… ऐसे ही…” रेखा ने कहा।
मैंने पूरी स्पीड से चोदना शुरू किया। थप-थप-थप की आवाज़ जिम में गूंज रही थी। रेखा के बूब्स नीचे की तरफ लटक रहे थे, और मैं कभी-कभी उन्हें पीछे से ही पकड़ के मसल देता।
“और तेज़… और जोर से…” रेखा चिल्ला रही थीं।
मैंने उनकी कमर पकड़ी और पूरी ताकत से चोदना शुरू किया। लंड पूरा बाहर निकालता, फिर एक ही झटके में अंदर डाल देता।
“मां… मर गई… बहुत मजा आ रहा है…” रेखा पागलों की तरह चिल्ला रही थीं।
रेखा खड़ी हुईं और दीवार से सट गईं। “अब खड़े-खड़े चोदो,” उन्होंने कहा।
मैंने उनकी एक टांग उठाई और अपने हाथ से पकड़ ली। अब वो एक टांग पे खड़ी थीं, और मैं उनकी चूत में लंड डालके खड़े-खड़े चोद रहा था।
ये पोजीशन बहुत टाइट थी। रेखा की चूत और भी ज्यादा टाइट लग रही थी। वो मेरे कंधे पे हाथ रखके मुझे किस कर रही थीं, और मैं नीचे से उन्हें चोद रहा था।
“वरुन… मैं झड़ने वाली हूं… तुम भी साथ में झड़ जाना…” रेखा ने कहा।
“ठीक है… अंदर ही निकालूं?” मैंने पूछा।
“हां… आह्ह्ह… और तेज… आह्ह्ह…” रेखा ने कहा।
मैंने स्पीड और बढ़ा दी। अब तो बस थप-थप-थप की आवाज़ आ रही थी। रेखा की चूत से पानी निकल रहा था, जो मेरे लंड पे लग रहा था।
“आह… आ गया…” रेखा चिल्लाई और उनका बदन कांपने लगा।
मैंने भी एक जोरदार झटका मारा और अपना सारा माल उनकी चूत में छोड़ दिया। गरम-गरम स्पर्म उनकी चूत में भर गया।
हम दोनों थक कर एक-दूसरे से लिपट गए। मेरा लंड अभी भी अंदर था, और धीरे-धीरे छोटा हो रहा था।
और अब हम रोज ही चुदाई करते है। ऐसे लगता है अब हम दोनों एक दूसरे के बगैर नहीं रह सकते।
